मेरे जज़्बात – Feeling of Writers – ग़ज़ल

A gazal dedicated to all writers. मेरे जज़्बात - mere jazbat - ग़ज़ल जज़्बातों से जब भी मेरा दिल भर भर आता है, चलती है कलम बस मुझसे रहा नहीं जाता है। क्या क्या गुज़री है जब भी, चुप चाप रह जाता हूँ, पूछते हो तुम मुझ से, तू लिख कैसे पाता है। मुझे नहीं... Continue Reading →

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When my pen writes –  कब चलती है मेरी क़लम – HINDI POETRY

When my pen writes -  कब चलती है मेरी क़लम #rahulrahi #hindipoetry जब - जब दिल भर आता है, बिना कहे इस दुनिया में, जीना दुभर हो जाता है, तब तब चलती है मेरी कलम। जीवन के हर पहलू को, जीकर मरकर और फिर पाकर, कुछ आता मेरे हिस्से जो, तब - तब चलती है है मेरी कलम। किसी... Continue Reading →

Light and shadow – धूप और छाँव – hindi poem

light and shadow - hindi poem - rahulrahi.com मेरा तुम्हारा रिश्ता, जैसे धूप और छांव का साथ, रेत और किनारे का साथ, आँख और आँसू का साथ, जैसे आग और राख, मैं मुसाफिर तुम राह, मैं चाँदनी और तुम चाँद बस ऐसे ही हम, ना पाने की ख़्वाहिश, ना खोने का डर, ना हिज्र, ना... Continue Reading →

i will see you – नाना ! तुम्हेँ देख लूँगा – hindi story

नाना देख लूँगा तुम्हें - क़िस्सा - rahulrahi.com दोनों हाथों से चड्डी संभाले, गीले क़दमों से मैं सरपट दौड़ लगा रहा था और ननिहाल के सारे लोग मुझे पकड़ने के लिए झपट रहे थे । "नाना ! तुम्हेँ देख लूँगा"। एक यही रट लगाए मैं भागता हुआ सीधे कमरे में पहुँचा और अपने छोटे-छोटे हाथों... Continue Reading →

Ye teri fitrat kab se hui – ये तेरी फितरत कब से हुई – hindi poem

ye-teri-fitrat-hindipoem-rahulrahi.com दोराहों पर आकर रुक जाना, ये तेरी फितरत कब से हुई ? आँधी तूफानों से डर जाना,  ये तेरी फितरत कब से हुई ? तू ज्वाला है ये कब भूला तू ? जलाकर लौ खुद बुझ जाना, ये तेरी फितरत कब से हुई?  अँधेरा है तो क्या हुआ ? ये जुगनू तेरे साथी हैं... Continue Reading →

Call your mom – माँ को बुलाओ! – Hindi Story

Maa Ko Bulao - Hindi Story - rahulrahi.com सब कुछ सही चल ही रहा था कि एक दिन अग्रेजी के अध्यापक बहुत गुस्सा हो गए, क्योंकि बार-बार सिखाने के बाद भी उसने सही उत्तर नहीं दिए। माँ के गुज़र जाने के बाद पाखी को नाना नानी पाल रहे थे। पारिवारिक अनबन के कारण पिता से... Continue Reading →

Honor Killing – HINDI SHORT STORY – आनर किलिंग – लघु कथा

honor killing - hindi short story - rahulrahi.com "अभी भी दर्द हो रहा है?" "नहीं... अब नहीं है... तुम्हें?" "मुझे भी नहीं है अब दर्द... शुरू में हुआ था... फिर तो जैसे सब सुन्न हो गया।" "हम्म..." "अगले जनम में तुम ऊँची जात की बनके पैदा होना।" "अच्छा... और तुम? तुम अगर नीची जात के... Continue Reading →

ZID KE KAARNAAME – ज़िद के कारनामे – gazhal

Zid Ke Karname - Gazal - rahulrahi.com ज़िद में बहकर चाहते, किनारा खो चले, पतवार वाले अपनी, नाव खो चले। रात तूफान से तो, बच गए जैसे-तैसे, सुबह कब हुई, क्या पता, अपनी आँख खो चले। शेखीयत का हमारी, आप यूँ अंदाजा लगाएँ, खामोश रहकर, हम दिख रही, मदद खो चले। ज़मीं या आसमाँ में हैं, पता... Continue Reading →

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