kya hai kitabe – क्या हैं किताबें – hindi poetry

kya hai kitabe - क्या हैं किताबें - hindi poetry - rahulrahi.com बेज़ुबाँ किताबों का, दायरा कुछ और है, रास्ता कुछ और है, फ़लसफ़ा कुछ और है। बोलती हैं कुछ नहीं, मौन में विलीन सी, शब्द हैं भरे पड़े, फिर भी शब्दहीन सी, साथ लेके चलती हैं, ज्ञान का प्रवाह सतत, योगीयों की वाणी सा,... Continue Reading →

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Best Friend Transgender – प्रिय मित्र तृतीयपंथी – hindi article

Best Friend Transgender - प्रिय मित्र तृतीयपंथी - hindi article दो दिन पहले मुझे एक अनोखी रैली में जाने का मौक़ा मिला। रैली का नाम था 'पिंक रैली' (गुलाबी रैली कह सकते हैं आप)। अगर मनुष्य के मन की बात करें तो गुलाबी शब्द से एक स्त्रैण भाव का विचार हमारे मन में पनपने लगता... Continue Reading →

Best Friend Transgender – प्रिय मित्र तृतीयपंथी – hindi article

Best Friend Transgender - प्रिय मित्र तृतीयपंथी - hindi article दो दिन पहले मुझे एक अनोखी रैली में जाने का मौक़ा मिला। रैली का नाम था 'पिंक रैली' (गुलाबी रैली कह सकते हैं आप)। अगर मनुष्य के मन की बात करें तो गुलाबी शब्द से एक स्त्रैण भाव का विचार हमारे मन में पनपने लगता... Continue Reading →

प्रेम रिक्शा – love session with local auto rickshaw driver – hindi article

१४ जनवरी, यह दिन था मकर संक्रांति का। लोग तैयारियों में थे, अपनी छत के ऊपर चढ़ने के लिए कि कैसे थोड़ा सा दिन गुजरे और वह पतंग - मांजा, कुछ खाने का सामान, अपने रिश्तेदार और लाउडस्पीकर लेकर चढ़ जाएं ऊपर. और आसमान में एक दूसरे से पेंच लगाएं, मस्ती करें, मजाक करें। लेकिन... Continue Reading →

मेरे जज़्बात – Feeling of Writers – ग़ज़ल

A gazal dedicated to all writers. मेरे जज़्बात - mere jazbat - ग़ज़ल जज़्बातों से जब भी मेरा दिल भर भर आता है, चलती है कलम बस मुझसे रहा नहीं जाता है। क्या क्या गुज़री है जब भी, चुप चाप रह जाता हूँ, पूछते हो तुम मुझ से, तू लिख कैसे पाता है। मुझे नहीं... Continue Reading →

When my pen writes –  कब चलती है मेरी क़लम – HINDI POETRY

When my pen writes -  कब चलती है मेरी क़लम #rahulrahi #hindipoetry जब - जब दिल भर आता है, बिना कहे इस दुनिया में, जीना दुभर हो जाता है, तब तब चलती है मेरी कलम। जीवन के हर पहलू को, जीकर मरकर और फिर पाकर, कुछ आता मेरे हिस्से जो, तब - तब चलती है है मेरी कलम। किसी... Continue Reading →

Light and shadow – धूप और छाँव – hindi poem

light and shadow - hindi poem - rahulrahi.com मेरा तुम्हारा रिश्ता, जैसे धूप और छांव का साथ, रेत और किनारे का साथ, आँख और आँसू का साथ, जैसे आग और राख, मैं मुसाफिर तुम राह, मैं चाँदनी और तुम चाँद बस ऐसे ही हम, ना पाने की ख़्वाहिश, ना खोने का डर, ना हिज्र, ना... Continue Reading →

i will see you – नाना ! तुम्हेँ देख लूँगा – hindi story

नाना देख लूँगा तुम्हें - क़िस्सा - rahulrahi.com दोनों हाथों से चड्डी संभाले, गीले क़दमों से मैं सरपट दौड़ लगा रहा था और ननिहाल के सारे लोग मुझे पकड़ने के लिए झपट रहे थे । "नाना ! तुम्हेँ देख लूँगा"। एक यही रट लगाए मैं भागता हुआ सीधे कमरे में पहुँचा और अपने छोटे-छोटे हाथों... Continue Reading →

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