परी के पापा

छोटी सी एक परी,
गाउँ मैं उसकी कहानी,
ना राजा है ना रानी,
फिर भी कोई तो है ।

छोटी छोटी बातें हैं
सबकी है जानी मानी,
तुमको है सुनानी,
जिसमे कोई तो है ।

उड़ती ना थी, परी जब,
पापा की गोदी, दुनिया उसे,
घुमाती थी,
नींद ना आए जो, रातों को,
पापा की, लोरी उसे,
ख्वावों की दुनिया दिखाती थी ।

डर जाती थी, जब भी परी,
पापा उसे, हाथ पकड़कर
देते थे दम,
आने ना देते थे, आंसू कभी,
खुशियाँ थी संग, दूर…था,
हर एक गम ।

वो ही ज़मीं, वो ही आसमाँ,
कोई पूछे, खुदा है कहाँ,
कहती थी हँसके,परी सबसे,
वो है मेरे पापा ।

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