Again – पुनः – Hindi Poem

तो क्या था वो जो फिर से हुआ, कि मैंने तुम्हें था जो खत लिखा, तुमने लगाया था सीने से, और बदले में था कुछ ना कहा, थे सोच में तुम था सोच में मैं, कि आगे जाने क्या होगा ? देखा था तुम्हें मैंने ख़्वाबों में, जो आधा अधूरा टूट गया, भविष्य का जैसे... Continue Reading →

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The God of your house – तेरे घर का भगवान – hindi poems

  बताओ ना, हम जीते क्यूँ हैं, जो डर है, पता है, मौत तो आनी है एक दिन । बताओ ना, हम साँस क्यूँ हैं लेते, जो एक रोज़, जाने के बाद, वो मेहमाँ ही रहेगी शायद हमेशा । बताओ जो ये हक़ीक़त ही है, जो है सबको पता तो, फिर क्यों फैलाया ये, रंगीन... Continue Reading →

Ae Khwab – ऐ ख़्वाब – hindi poem – gazal – rahulrahi

शब ए फ़ुर्सत में तू आना, ऐ ख़्वाब, दिन में तेरा नहीं काम, ज़माना नहीं।   हो ना जाएँ कहीं रंग ये, तेरे खराब, रात के सिवा, तेरा कोई, ठिकाना नहीं।   तेरा फन, तेरा हुनर, लाजवाब, पर किसी को, ये अज़ाब, बताना नहीं।   कोई खेलेगा तुझसे, कोई झेलेगा तुझको, कर तू बात, यहाँ दिल, लगाना नहीं। ... Continue Reading →

सोच

जी भर के मुझे ग़म दे, तू किसी से ना कम दे, इतनी तसल्ली कर लूँ कि, किस बात का तू मुझे नम दे । औरों की तरह ना बेपरवाह, गैरों सा मुझसे बरता कर, तू चाहे मुझे पूरे दिल से, तो आज़ादी से इत्तेला कर, प्यार ही तो बस एक दौलत, इंसाँ को जिसे... Continue Reading →

mook – मूक – hindi poem – rahulrahi

चुप सा बैठ थोड़ी देर , यूँ ही न बवाल कर, चाहे इल्म-ए-ज़िन्दगी, तो खुद से सवाल कर । घिसना क्या ये जिस्म बस, दौलत की खातिर, खुद की ना मेरी सही, रूह का ख़याल कर । बाल ही बनाए जा, आईने में क्या फ़न?, खुद आईना बन जा तू, ऐसा कुछ बड़ा कमाल कर... Continue Reading →

Tu mile na – तू मिले ना – Hindi Poem (gajhal)

तू मिले ना कोई तो सबब है, जो मिले तो बड़ा ये गज़ब है । प्यार है जो शिकवे गिले ना हो, प्यार ऐसा अपना अदब है । साथ है तू हर पल में मेरे, अमि, तू सुकूँ और तू ही तड़प है । माना हम है तुझ बिन अधूरे, तेरी यादों से कामिल तलब... Continue Reading →

mukammal – मुकम्मल – hindi poem

मुकम्मल कोई नहीं,यहाँ सिवा खुदा के,वो तो है तनहा सदा,जो बिना वफ़ा के ।ले बटोरे चाहे जितने,सोने के सिक्के,मौत पर पर्दा नहीं,क्या बचे बचा के ।चैन से सोने ना दे,वो भी क्या ख्वाहिशें,बैठे हो ए.सी. में और,जो नसें तपा दे ।ऐसे ना दौड़ो कि बस,घोड़ों सा एक नशा हो,इतनी हवस भी क्या कि,खुद इंसान ही... Continue Reading →

Ek Tees – एक टीस – HINDI POEM

दे ज़ख्म और दे दर्द भी,तू रोग और तू मर्ज़ भी,तू ही दुआ तू ही दवा,तू साँस और मैं जी रहा,एक टीस गहरी आह की,हमने चुनी वो राह थी,दुनिया की ना परवाह की,हमको जँची आवारगी ।हर रोज़ आए ख्वाब में,सोने नहीं दे रात में,आँसू भरे हैं आँग में,सपने पड़े हैं राख में,चलता रहे मीलों तमाम,पहुँचे... Continue Reading →

gulabo ki chahahat – गुलाबों की चाहत – hindi poem

गुलाबों की चाहत,और काटों का डर,डूब ना पाओगे,पाओगे ना उबर,ना पूरब का साथ,ना पश्चिम का घर,बंजारों से ही,घूमोगे दर दर ।झूलोगे बीच में,घड़ी के लंगर से,कभी गम इधर से,कभी नाम उधर से,गलतफहमियों की,कोई हद न होगी,अगर एक मुकाम,पाने की ज़िद ना होगी ।आवारा रूह को,ना जन्नत ना दोजख,पाने सुकूँ और,भटकेगा कब तक,चले क्यूँ वहीं,जहाँ जाती... Continue Reading →

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