Madhhosh – मधहोश – hindipoem -rahulrahi

madhhosh - hindi poem - rahulrahi.com अब क्या शिकायत करें हम अपने नवाब से, खो गया खुद को, टकरा के हसीन शबाब से। घर के परदों से चेहरा सटाने लग गया, कहे आए खुशबू गुलाब की, उसके हिजाब से। हफ़्तों शराब पीकर वो इतना मदहोश हुआ है, रात निकलने को कहे आफ़्ताब से। कुछ लगा... Continue Reading →

Solar Journey – सौर जनक यात्रा – hindi article

चारों ओर घना अंधेरा, कोई सुरक्षा की व्यवस्था नहीं, ना ही किसी का साथ और ना ही कोई रौशनी, बस एक लक्ष्य कि इन आदिवासी लड़कियों के लिए कुछ करना है। रोज़ २५ किमी चलकर आना जाना, शहर से दूर गाँवों में, उन्हीं आदिवासी लोगों के साथ रहना, अंधेरे में दीप जलाए रखना, असम्भव के... Continue Reading →

Murderer Metro – क़ातिल मेट्रो – Hindi Poem

जाना चाहते हो तुम तेज़, तो अपनी राह बनाओगे, लेकिन अपने मतलब से, मुझे बाँटते चले जाओगे? वर्ष लगे हैं मुझको अपने, अस्तित्व को सच बनाने में, तुमने ज़रा भी सोचा नहीं, मेरा लहू बहाने में? मैं दो राहों के बीच में, तुम्हारे लिए ही खड़ा था, जीवन देने को तुमको, साँसें सींच रहा था।... Continue Reading →

Yaad hai wo Gulmohar – याद है वो गुलमोहर – Hindi Poem

Yaad Hai Wo Gulmohar - Hindi Poem - rahulrahi.com याद है तुम्हें वो गुलमोहर!!जिसकी आंखें नम थी उस दिन और सिले हुए लब थे।याद है तुम्हें वो गुलमोहर !!जिसके नीचे हम आख़िरी बार मिले जब थे।। याद है तुम्हें वो गुलमोहर!! जिसके नीचे हम, पहली बार मिले जब थे। उसके तने को छूकर जब, पहली... Continue Reading →

A Real Friend – पक्की सहेली – Hindi Short Story

Pakki Saheli - Hindi Story - Rahulrahi.com "तुम्हे लगता है तुम सही कर रही हो?" "हाँ माँ।" "खुश रहोगी?" " हाँ माँ।" "पर लोग क्या कहेंगे?" इस बार बेटी को चिढ़ नहीं हुई ये सवाल सुना कर, इसलिये सहजता पूर्वक बोली - "माँ कब तक सोचेंगे हम ये? बचपन से सुनती आ रही हूँ। बचपन में... Continue Reading →

That Bird – ऐसा वो परिंदा – hindi poem – rahulrahi

Aesa vo Parinda - hindi poem - rahulrahi.com जाने किस उम्मीद के, सहारे से वो ज़िंदा है,हैं कटे कुछ पर मगर, नभ देखता परिंदा है, जो हैं उसके साथी सब, कैद सारे पिंजरे में, चेह पर मुस्कान है, पर मन से वो शर्मिंदा हैं, जो जिए हैं शान से, आज़ाद से बहारों में, जी गए... Continue Reading →

Dry Grapes – सूखे अंगूर – Hindi Story – rahulrahi

Sookhe Angoor - सूखे अंगूर - Hindi Story Sookhe Angoor - सूखे अंगूर - Hindi Story “किश्मिश ले लो, ताकत से भरपूर, स्वाद में पूर, किश्मिश ले लो।”, अप्रैल का महिना था | धूप बे-इन्तहा थी लेकिन फिर भी उसके गले की धार ज़रा भी कम ना हुई | पसीने से तर उसका शरीर चिलचिलाती... Continue Reading →

Desire to Get – Paane ki Chahat – पाने की चाहत – hindi poem – rahulrahi

Paane ki Chaht - Hindi Poem - rahulrahi.com पाने की चाहत में जब, आलिंगन में हाथ जुड़े तब, चाहत के खोते ही दोनों, हाथ छूट जाने हैं। यौवन पर जो रुकती नज़रे, पास आने के कारण ढूँढें, रंग उड़ते ही बिछड़ जाने के, होते सौ बहाने हैं। सीने की गर्माहट तक ही, बस जो मन... Continue Reading →

Instagram’s Heartbreakers – इंस्टाग्राम के लैला मझनू – hindi poem – rahulrahi

जितना हमने पढ़ा है जाना, instagram का अजब है खेला, हर दूजा टूटा दिल मझनू, हर दूजी तड़पती लैला, ज़िन्दगी है उदास तो ज़रा, touch up कर लो, रूठे दिल वालों आपस में, patch up कर लो, दर्द तुम्हारा रोज़ का मुझसे, सहा नहीं जाता, प्रतिदिन का वही बासी रोना, पढ़ा नहीं जाता, कैसे एक... Continue Reading →

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