बचपन – edited

"बचपन" शब्द सुनते ही लोगों के ज़हन में अनगिनत स्मृतियों की झालर जल उठती है। कहीं - कहीं पर यह झालरें रोशनी से परिपूर्ण जलती है तो कहीं - कहीं पर मद्धम धीमी जलती - बुझती रहती है। मस्तियाँ, चहल क़दमियाँ, शैतानियाँ, मौसम की हर अदा समेटे यह 'बचपन' हर किसी को एक खट्टी -... Continue Reading →

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What is Faith – आस्तिकता क्या है? – Hindi Article

What is faith? - hindi article - rahulrahi.com "आस्तिकता" क्या है आस्तिकता ? उस शक्ति पर विश्वास जिसने ये संसार रचा है क्या आस्तिकता का व्यापक अर्थ सिर्फ यही है? अपने विचारों पर अपनी शक्ति पर अपने पुरुषार्थ पर विश्वास करना क्या आस्तिकता नहीं है? निसंदेह वो शक्ति महान है पर क्या उस महान शक्ति... Continue Reading →

The sand – रेत – Hindi Story

ret - hindi story - rahulrahi.com उसके यूँ तो छमिया, छम्मकछल्लो, हरामजादी, रानी वगैरह कई नाम थे, मगर मुझे उसके नाम में कभी दिलचस्पी नहीं रही ...वो हर बार कुछ और बन जाती थी मेरे लिए और मैं इसीलिए उसके पास जाता था। वो मेरे लिए समंदर किनारे की रेत थी | जब तक दिल... Continue Reading →

Madhhosh – मधहोश – hindipoem -rahulrahi

madhhosh - hindi poem - rahulrahi.com अब क्या शिकायत करें हम अपने नवाब से, खो गया खुद को, टकरा के हसीन शबाब से। घर के परदों से चेहरा सटाने लग गया, कहे आए खुशबू गुलाब की, उसके हिजाब से। हफ़्तों शराब पीकर वो इतना मदहोश हुआ है, रात निकलने को कहे आफ़्ताब से। कुछ लगा... Continue Reading →

Solar Journey – सौर जनक यात्रा – hindi article

चारों ओर घना अंधेरा, कोई सुरक्षा की व्यवस्था नहीं, ना ही किसी का साथ और ना ही कोई रौशनी, बस एक लक्ष्य कि इन आदिवासी लड़कियों के लिए कुछ करना है। रोज़ २५ किमी चलकर आना जाना, शहर से दूर गाँवों में, उन्हीं आदिवासी लोगों के साथ रहना, अंधेरे में दीप जलाए रखना, असम्भव के... Continue Reading →

Murderer Metro – क़ातिल मेट्रो – Hindi Poem

जाना चाहते हो तुम तेज़, तो अपनी राह बनाओगे, लेकिन अपने मतलब से, मुझे बाँटते चले जाओगे? वर्ष लगे हैं मुझको अपने, अस्तित्व को सच बनाने में, तुमने ज़रा भी सोचा नहीं, मेरा लहू बहाने में? मैं दो राहों के बीच में, तुम्हारे लिए ही खड़ा था, जीवन देने को तुमको, साँसें सींच रहा था।... Continue Reading →

Yaad hai wo Gulmohar – याद है वो गुलमोहर – Hindi Poem

Yaad Hai Wo Gulmohar - Hindi Poem - rahulrahi.com याद है तुम्हें वो गुलमोहर!!जिसकी आंखें नम थी उस दिन और सिले हुए लब थे।याद है तुम्हें वो गुलमोहर !!जिसके नीचे हम आख़िरी बार मिले जब थे।। याद है तुम्हें वो गुलमोहर!! जिसके नीचे हम, पहली बार मिले जब थे। उसके तने को छूकर जब, पहली... Continue Reading →

A Real Friend – पक्की सहेली – Hindi Short Story

Pakki Saheli - Hindi Story - Rahulrahi.com "तुम्हे लगता है तुम सही कर रही हो?" "हाँ माँ।" "खुश रहोगी?" " हाँ माँ।" "पर लोग क्या कहेंगे?" इस बार बेटी को चिढ़ नहीं हुई ये सवाल सुना कर, इसलिये सहजता पूर्वक बोली - "माँ कब तक सोचेंगे हम ये? बचपन से सुनती आ रही हूँ। बचपन में... Continue Reading →

That Bird – ऐसा वो परिंदा – hindi poem – rahulrahi

Aesa vo Parinda - hindi poem - rahulrahi.com जाने किस उम्मीद के, सहारे से वो ज़िंदा है,हैं कटे कुछ पर मगर, नभ देखता परिंदा है, जो हैं उसके साथी सब, कैद सारे पिंजरे में, चेह पर मुस्कान है, पर मन से वो शर्मिंदा हैं, जो जिए हैं शान से, आज़ाद से बहारों में, जी गए... Continue Reading →

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